जो वर्ण स्वरों की सहायता से बोले जाते है, वे व्यंजन कहलाते है, इनकी संख्या तैंतीस होती है:- जैसे – क ( क+अ ), च ( च +अ ), ट ( ट +अ ), त ( त +अ ) ,प ( प + अ ) आदि
व्यंजन के तीन प्रकार के होते है
स्पर्श व्यंजन किसे कहते है
जिन व्यंजनों का उच्चारण करते समय जीभ मुख के विभिन्न भागो का स्पर्श करती है. उन्हें स्पर्श व्यंजन कहते है क से म तक 25 वर्ण स्पर्श व्यंजन है.
अन्तस्थ व्यंजन किसे कहते है
जिन व्यंजनों का उच्चारण करते समय जीभ मुख के किसी भाग का पूरी तरह से स्पर्श नहीं करती उन्हें अन्तस्थ व्यंजन कहलाते है ये चार होते है जैसे – य, र, ल, व
उष्म व्यंजन किसे कहते है
जिन व्यंजनों के उच्चारण में एक विशेष प्रकार का घर्षण होता है तथा गर्म हवा मुख से बाहर निकलती है , वे उष्म व्यंजन कहलाते है ,यह भी चार होते है जैसे – श,ष,स, ह
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