जातिवाचक संज्ञा
जैसा कि आप इस के नाम से ही जान सकते हैं. जातिवाचक संज्ञा जाति यानि किसी भी तरह की जाती हो सकती है. किसी भी प्राणी की जाति हो सकती है. किसी भी इंसान की जाती हो सकती है किसी भी जानवर की जानती हो सकती है. या किसी भी पेड़ पौधे की जाति प्रजाति हो सकती है तो इस वाक्य में किसी वस्तु व्यक्ति प्राणी आदि की जाति का बोध हो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं. वैसे तो यह बिल्कुल ही व्यक्तिवाचक संज्ञा से मिलता-जुलता है. क्योंकि इसमें आपको उसी तरह की चीजें देखने को मिलती है. लेकिन इसमें किसी विशेष आदमी, विशेष स्थान, विशेष भवन या विशेष प्राणी का नाम नहीं मिलता है, बल्कि उन प्राणियों की जाति का बोध करवाया जाता है तो इसके कुछ उदाहरण हम आपको नीचे बता रहे हैं. देखिए
उदाहरण
जानवर
हमने आपको ऊपर उदाहरण के तौर पर सिर्फ एक नाम बताया है जानवर आप यदि जानवर का नाम लेते हैं. तो इससे हमें यह नहीं पता चलता कि वह कौन सा जानवर है कुछ भी हो सकता है कुत्ता बिल्ली हाथी ऊंट घोड़ा शेर चीता कुछ भी हो सकता है. लेकिन जानवर एक जाति का नाम है. जिससे कि हमें इस पूरी सृष्टि के जानवरों की का पता चलता है. इस तरह से ही यह एक जातिवाचक संज्ञा का उदाहरण है. और यदि यह किसी विशेष आदमी का नाम होता जैसे सुरेश तो सुरेश जाति का नाम नहीं है. बल्कि सिर्फ एक आदमी का नाम है. इसलिए वह व्यक्तिवाचक संज्ञा कहलाता लेकिन यहां पर यह की जाति का बोध करा रहा है.
कुत्ता
हमने आपको ऊपर एक उदाहरण के तौर पर कुत्ता शब्द बताया है. तो कुत्ता कोई विशेष कुत्ता नहीं है. बल्कि जब हमारे सामने कुत्ते का नाम आता है तो वह कुत्ते की पूरी जाति का बोध कराता है. यानी कुत्ता शब्द आते ही हमें कुत्तों की अलग-अलग प्रजातियों का पता नहीं चलता बल्कि सभी कुत्तों का पता चलता है. कि कुत्ते हैं. और अगर किसी विशेष कुत्ते का नाम जैसे किसी ने अपने घर में कोई एक कुत्ता पाल रखा है. उसका नाम राजू रखा है तो राजू कुत्ता कहेंगे तो वह सिर्फ एक ही कुत्ता है और वह विशेष कुत्ता है इसलिए व्यक्तिवाचक संज्ञा के अंतर्गत आएगा.
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